उसकी याद है सुलगती चिता की तरह, धडकने में बसा है वो एक सदा की तरह
क्यों हुआ ये हादसा मासूम संग तेरे, वो खुशियों का दौर बन गया बद्दुआ की तरह
deepa srivastav

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